नानाजी देशमुख का पूरा इतिहास हिंदी में?

नाना जी देशमुख का इतिहास हिंदी में पूरी जानकारी

नानाजी देखमुख कौन थे इनका पूरा नाम क्या था । ये कहा के रहने वाले थे ।इनका जन्म कब और कहा हुआ था । ये करते थे कैसे व्यक्ति थे इनका समाज मे क्या पद था ।जिसने माता पिता कौन थे।

मैं इनके बारे में आपको आज के post में बताऊगा ।हमारा आज का topic है" नानाजी देखमुख का इतिहास क्या है " फ्रेंडस इनकी कहानी बहोत ही  इंटरेस्टिंग है ।ये बहोत ही स्वभाविक थे

नानाजी देशमुख का जीवन परिचय क्या हैं?

★ नाम =  चंडिकादास अमृतराव देशमुख
★ जन्म = 11 अक्टुबर 1916
★ मृत्यु =  27 फरवरी  2010
★ माता का नाम = राजाबाई
★ पिता का नाम = अमृतराव देखमुख
★ जन्म स्थान  = महाराष्ट्र, हिंगोली जिला,
★ ग्राम  =  कड़ोली
★ शिक्षा= बिरला इंस्टीयूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साईस फिलनिसि

नानाजी देशमुख का जन्म 11 अक्टुबर 1916 में बुधवार के दिन महाराष्ट्र के हिंगोली जिला गांव कड़ोली के बाह्मण परिवार में हुआ था ।इसकी माता का नाम राजाबाई जाबाई और  पिता का नाम अमृतराव देशमुख था इसका अपना छोटा सा परिवार था ये तीन भाई बहन थे ।नानाजी देशमुख जब छोटे थे तब ही इनके माता - पिता का निधन हो गया ।उन्होंने छोटे से उम्र में ही घर चलाने की जिमेदारी ले ली । नानाजी बचपन से ही देशमुख थे । ये जब अपनी पढ़ाई पूरी कर रहे थे ।

ये एक भारतीय समाजसेवी थे । पुर्व में भारतीय जनसंघ के नेता थे 1977 में जब पार्टी की सरकार  बनी थी उन्होंने मोरारजी मन्त्रिमण्डल में शामिल किया गया था लेकिन वे यह कहकर की 60 वर्ष से अधिक आयु वाले लोग सरकार से बाहर रहकर समाज  सेवा करते है और उन्होंने मन्त्री पद को छोड़ दिया जीवन पर्यन्त के दीनदयाल शोध संस्थान के अंतर्गत  चलने वाले सभी विकल्पों पर कार्य करते थे उन्होंने अटल विहारी वाजपेयी सरकार के राज्यसभा के सदस्य बनाया। भारत सरकार द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य व ग्रामीण क्षेत्रों में अनुकरणीय योगदान के लिए पछ विभूषण भी प्रयास की और 2019 में उन्हें भारतरत्न से सामन्ती किया गया।

नानाजी का राजनीतिक जीवन कैसा था?

जब आर एस एस से प्रतिबंध हटा तब राजनीतिक संगठन के रूप में भारतीय जनसंघ की स्थापना का फैसला कराया गया गुरुजी ने नानाजी को उत्तरप्रदेश में भारतीय जन संघ का सचिव का प्रभार लेने को कहा नानाजी के उत्तरप्रदेश में जमीनी कार्य मे पार्टी की स्थापना करने में अहम भूमिका निभाई है 1957 में उत्तरप्रदेश के अन्य जिलों में अपनी इकाइया खड़ी कर ली इसी दौरान नानाजी ने पूरे उत्तरप्रदेश के दौरा किया जिसके परिणाम स्वरूप जल्द ही भारतीय जनसंघ उत्तरप्रदेश की राजनीतिक शक्ति बन गयी। 1957 में रामपुर उत्तर प्रदेश के कार्यकर्ता राम प्रकाश सरार्क ने जब नवाबी दबाव के बावजूद जनसंघ की उम्मीदवार को चुनाव में खड़ा करवाने का निर्णय लिया तब नानजी ने इनका उत्साह बढ़ाया।

उत्तरप्रदेश की बड़ी राजनीतिक हस्ती चंदभानु गुप्त को नानाजी की वजह से तीन बार बड़ी चुनोतियो का सामना करना पड़ा ।राज्यसभा चुनाव में जब कांग्रेस नेता और चंदभानु के प्रसिद्ध उम्मीदवार को हराने के लिए रणनीति बनाई गई 1957 में जब गुप्त लखनऊ से चुनाव लड़ रहे थे तब नानजी ने समाजवादीयो के साथ गठबन्धन करके बाबू त्रिलोकी सिंह को बड़ी जीत दिलायी और वही चंदभानु गुप्त को दूसरी बार हार का सामना करना पड़ा।

उत्तरप्रदेश में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की दृष्टि अटल बिहारी वाजयेपी के और नानजी के संगठनात्मक कार्यो के कारण भारतीय जनसंघ महत्वपूर्ण राजनीतिक शक्ति बनी। सभी  पार्टी के कार्यकर्ता विपक्षी दलों के साथ भी नानाजी का सम्बंध बहोत अच्छे थे। चंदभानु जिन्हें नानाजी के वजह से न जाने कई बार चुनाव हारना पड़ा वह भी उनका दिल से सामान करने लगे थे। उन्हें प्यार से नाना कड़नवीस भी कहा करते थे। डॉ  मनोहर लोहिया को भारतीय जनसंघ  कार्यकर्ता सम्मेलन में बुलाया गया। वहा उनका मुलाकात दीन दयाल उपाध्याय से हुआ दोनों के जुड़ाव से भारतीय समाजवादियों में करीब आ गयी था । और वे दोनों मिल कर  कांग्रेस को पदों का किया।

नानाजी विनोवा भावे भूदान आन्दोलन में सक्रिय रूप से शामिल हुए वे उनके आन्दोलन से अत्यधिक प्रभावित हुए जब जय प्रकाश नारायण पर पुलिस लाठिया बरसा रही थी तब नानाजी ने उन्हें बचाया इसी दौरान नानाजी को चोट लगने के कारण उनकी एक हाथ टूट गई थी। जनता पार्टी से संस्थापको में नानाजी प्रमुख थे सभी घटनाओं के बाद चुनाव हुआ। जिनसे बलरामपुर लोकसभा सीट से नानाजी सांसद चुने गये। और उन्हें पुरस्कार के तौर पर मोरारजी भी मंत्रिमंडल के  बतोर उधोग मंत्री में शामिल होने का न्योता भी दिया गया।लेकिन नानाजी ने उनके लिए मना कर दिया।

नानाजी की सामाजिक जीवन कैसी थी?

1970 में 60 साल की उम्र में उन्होंने संकीय राजनीतिक से सन्यास लेकर आदर्श की स्थापना किया ।उन्होंने अपना पूरा जीवन सामाजिक और रचनात्मक कार्यो में लगा दिया । आश्रम में रहने लगे और कभी भी अपना कोई प्रचार नही किया उन्होंने चित्रकूट में  चित्रकूट ग्रामीण विश्वविद्यालय बनवाया । यह भारत का पहला ग्रामीण विश्वविद्यालय था । 1999 में एन ए सरकार ने उन्हें राज्यसभा का सांसद बनाया पंडित दीनदयाल उपाध्याय की हत्या नानाजी के लिये बहुत  बड़ी सदमे की बात थी।और उन्होंने नई दिल्ली में अकेले दम पर दीनदयाल शोध संस्थान की स्थापना की देश मे रचनात्मक कार्यो के लिए समर्पित किया । उन्होंने कुछ ऐसे नियम लागू किये जैसे कृषि कुटीर उधोग ग्रामीण शिक्षा पर बल दिया उन्होंने संस्थान के अध्यक्ष का पद संभाला और संस्थान को बेहतर बनाने के लिये अपना सारा समय दे दिया । संस्थान की और से रीडर्स डाइजेस्ट की तरह मंथन नाम की एक किताब निकासी उस किताब को कई वर्ष तक के. आर. मलकानी ने सम्पादन किया।

नानाजी आर एस एस कर्ता के रूप में कैसे थे?

नानाजी देशमुख लोकमान्य बाल  गंगाधर तिलक के राष्टयपति विचार धारा से प्रेरित उनसे प्रेरित होकर समाज सेवा सामाजिक गतिविधियों में रुचि लेने लगे। डॉ केशव बलिराम हेडगेवार उनके परिवारिक सम्बन्ध थे। डॉ हेडगेवार ने नानाजी को प्रतिभा को पहचाना और उन्हें आर एस एस की शाखा में आने के लिये  प्रेरित किये।

नानाजी उन लोगों में से थे । जिन्होंने अपना सारा जीवन राष्ट्रकी सेवा में अर्पित कर दी 1940 में डॉ हेडगेवार के देहान्त के बाद नानाजी कई युवको को आर एस एस शाखा में शामिल किया।

नानाजी का निधन कैसे और कब हुआ जानिए?

नानाजी देशमुख ने 15 साल की उम्र में चित्रकूट स्थिर भारत के पहले ग्रामीण विश्वविद्यालय ( जिसकी स्थापना उन्होंने की थी ) उसमें रहते हुईं उन्होंने अपनी अंतिम रहते हुए।उन्होंने अपनी अंतिम सांस ली वह पिछले कुछ समय से बीमार थे लेकिन इलाज के लिए दिल्ली जाने से मना कर दिए नानाजी दुनिया के पहले ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने अपना शरीर छात्रों को मेडिकल रिसर्चर शोध के लिए दान करने का निर्णय लिया था मरने से पहले उन्होंने एक पत्र में लिखकर दिया था। उनका सम्मान करते हुए उनकी मृत शरीर को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान नई दिल्ली को सौपा गया।

विस्तार में
हेल्लो फ्रेंडस i hope की आप सब ठीक होंगे । तो मैने पहले ही बताया था कि आज का topic क्या है तो आप लोग नानाजी के बारे में इस post से सारी जानकारी प्राप्त कर सकते है उनके जन्म कब हुआ था उनके पाता पिता आदि ऐसी बहुत सी ऐसी बाते है जो आप सभी के जानने योग्य है इसे और कोई जानकारी के लिए आप लोग हमें  comment कर सकते है।

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