GIS क्या हैं? और कैसे काम करता है?

GIS क्या है? और कैसे काम करता है?
हेलो फ्रेंड आप सभी का स्वागत है आपके अपने ब्लॉग hytechsin.com में फ्रेंड मैं आपको आज बताने जा रहा हूं GIS क्या है इसका फुल फॉर्म क्या होता इत्यादि से जुड़ी सभी जानकारी मैं आपको आज के पोस्ट में बताऊंगा।

GIS क्या है?

Geographic Information System एक कंप्यूटर सिस्टम है जिसके सभी प्रकार का स्थानिक या जिओयोग्राफी डाटा को कैप्चर करने स्टोर करने हेरफेर करने विश्लेषण मैनेज करने और प्रदर्शित करने के लिए उपयोग होता है जीआईएस एप्लीकेशन एक ऐसा कौन है।

दोस्तो जो अंतिम युजरओ को स्थानिक क्वेरी विश्लेषण स्थानीय डेटा मैं सुधार करने और हार्ड कॉपी मैप बनाने की अनुमति देता है। सरल तरीके से  GIS को एक ऐसी छवि के रूप में परिभाषित किया जा सकता है जो पृथ्वी के संदर्भ में है या इसमें X और y समन्वय है और जिसके मान टेबल में स्टोर है अधिकांश समय का उपयोग जीआईएस के नक्शे बनाने और पेंट करने  के  लिए  किया जाता है।

यह एक ऐसी सॉफ्टवेयर है जिसकी सहायता से सहायता सॉफ्टवेयर है जिसकी सहायता से सहायता से टारगेट एरिया की मैपिंग की जा सकती है उसके बाद प्राप्त डाटा की माध्यम से ऑफिस में बैठे ही उस सारे क्षेत्र की सटीक जानकारी हासिल कर ली जाती है।

और इस सॉफ्टवेयर का उपयोग साइंस खेती डिफेंस न्यूक्लियर साइंस आर्किटेकचर टाउन प्लानर मैपिंग मोबाइल अरे क्षेत्र में हो रहा है गिस के मुख्य सॉफ्टवेयर, ILWIS, IDRISI,ARC, GIS इत्यादि हैं।

GIS का उपयोग स्थान आधारित प्रश्नों को हल करने के लिए किया जाता है जैसे कि यह क्या स्थित है या फिर विशेष सुविधाओं को कहां खो जाए जाए कहां खो जाए जाए जाए जीआईएफ यूजेस मैप से वैल्यू को पुनः पुनः प्राप्त कर सकते हैं जैसे कि भूमि पर वन क्षेत्र कितनी है या फिर क्वेरी बिल्डर  टूल का उपयोग करके किया जा सकता है।

दोस्तो उदाहरण के लिए ऊंचाई डाटा नदी डाटा भूमि उपयोग देता और क्षेत्र की परिदृश्य के बारे में जानकारी दिखाने के लिए कई और संयोजन कर सकते हैं नक्शे से आप बता सकते हैं कि उस भूमि कहां है या फिर घर बनाने के लिए अच्छी जगह कहां है GIS नई जानकारी खोजने में मदद करती है।

GIS कैसे काम करता है?

★ विजुअलाइंजिग डेटा ( Visualizing Data ) : ज्योग्राफिक डाटा जो डेटाबेस में संग्रहित होता है उसे जीआईएस सॉफ्टवेयर में प्रदर्शित किया जाता है।

★ संयोजन डेटा ( Combining Data ) : इच्छा के नक्शे बनाने के लिए परतो को मिलाया जाता है

★ क्वेरी ( Query ) : भारत में मान को खोजने के लिए या जिओयोग्राफी प्रश्न बनाने के लिए

GIS का  लाभ

◆  सरकारी लोगों द्वारा किया गया बेहतर निर्णय
◆  बेहतर व्यवस्था के कारण नागरिक जुड़ाव
◆ उन समुदायों की पहचान करने में मदद करना जो जोखिम में है
◆ आपातकालीन परिस्थिति के दौरान बेहतर संचार
◆ प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर प्रबंध
◆ बेहतर निर्णय के कारण लागत बचत
◆ समुदाय के भीतर विभिन्न प्रकार के रुझानों का पता लगाना
◆ जनसांख्यिकी परिवर्तन की योजना बनाना

GIS का घटक ( Components )

हार्डवेयर कंप्यूटर का फिजिकल घटक है हार्डवेयर के अंतर्गत हार्ड डिस्क प्रोसेस मदरबोर्ड आदि हो सकते हैं यह सभी हार्डवेयर कंप्यूटर के रूप में कार्य करने के लिए एक साथ काम करते हैं इन्हीं हार्डवेयर पर जीआईएस सॉफ्टवेयर चलता है कंप्यूटर को डेस्कटॉप या सर्वर आधारित स्टैंड अलोन कहा जा सकता है जीआईएस इन दोनों पर ही चलता है।

★ सॉफ्टवेयर 

जीआईएस सॉफ्टवेयर स्थानीक डाटा या जिओयोग्राफी डाटा को इनपुट या स्टोर करने के लिए डिवाइस और फंक्शन प्रदान करता है यह योओग्राफिक क्वेरी करने विश्लेषण मॉडल चलाने और मैप के रूप में जिओयोग्राफी डाटा प्रदर्शित करने के लिए टूल्स प्रदान करता है जिओयोग्राफी डाटा को स्टोर करने के लिए जीआईएस सॉफ्टवेयर रिलेशन डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम का उपयोग करता है।

★ डेटा

डेटा जीआईएस के लिए ईंधन सबसे महत्वपूर्ण और महंगा घटक भी है जियोग्राफीक डाटा फिजिकल विशेषताओं का संयोजन है और इस जानकारी को टेबल्स में स्टोर किया जाता है इन सभी पालिकाओं का रखरखाव RDBMS द्वारा किया जाता है।

दोस्तो जियोग्राफी डाटा पर कब्जा करने के प्रकिया को डिजिटलीकरण कहा जाता है जो सबसे थकाऊ काम है यह स्कैन किए गए हार्ड कॉपी मैप्स को डिजिटल प्रारूप में बदलने की प्रक्रिया है डिजिटलीकरण जिओयोग्राफी विशेषताओं के साथ लाइनों को टेस्ट करके किया जाता है।

★ लोग
लोग जीआईएस प्रणाली के यूजर होते हैं

जीआईएस सिस्टम को चलाने के लिए लोग तीन घटकों का उपयोग करते हैं आज का कंप्यूटर तेज और यूजर के अनुकूल है जो जियोग्राफी प्रश्नों विश्लेषण और मैप्स को प्रदर्शित करने में आसान बनाता है आज सभी लोग अपने कार्य करने के लिए जीआईएस का उपयोग करते  है।


जीआईएस डाटा के प्रकार

★ रास्टर data ( Raster Data )
डॉक्टर डाटा सेल आधारित तरीकों से सुविधाओं की जानकारी संग्रहित करता है उपग्रह चित्र फोटोग्राममिति और स्कैन किए गए नक्शे सभी राष्ट्र आधारित डाटा है राष्ट्र मॉडल का उपयोग डाटा को स्टोर करने के लिए किया जाता है जो एरियल फोटोग्राफी सैटेलाइट इमेज या एलिवेशन वैल्यू ( डिजिटल एलीवेशन मॉडल ) में लगातार बदलता रहता है।

★ वेक्टर (Vector Data )
वेक्टर डाटा तीन प्रकार के होते हैं पॉइंट लाइन और पॉलीगान  ये डाटा आधार डाटा को डिजिटाइज  करके बनाया जाता है ये X ,Y निर्देशांक मैं जानकारी स्टोर करते हैं वेक्टर मॉडल का उपयोग डाटा को स्टोर करने के लिए किया जाता है जिसमें असतत सीमाएं होती हैं जैसे कि देश की सीमाएं भूमि पार्सल और सड़कें।

GIS का इतिहास

GIS कंप्यूटर सिस्टम के साथ विकसित हुआ है यहां संक्षिप्त घटनाएं हैं जो जीआईएस प्रणाली के विकास के लिए हुई है।

◆ सन 1954 - नक्शा बनाने के लिए वैज्ञानिक विधि का उपयोग करने वाले जीआईएस शब्द का उपयोग सन 18 सो 54 में जॉन स्नो के द्वारा किया गया था।

◆ सन 1960 - आधुनिक कंप्यूटरीकृत जीआईएस प्रणाली 1960 में शुरू हुई थी।

◆ सन 1962 -  डॉ रोजन टॉम लिसन ने कनाडा लैंड  इन्वेंटरी CLI के लिए एकत्र किए गए डेटा को संग्रहित विश्लेषण या हेरफेर करने के लिए conadian Geographic Information System बनाया और विकसित किया इस सॉफ्टवेयर में ओवरल मां और डिजिटलीकरण ( स्कैन हार्ड कॉपी मानचित्र को डिजिटल डाटा में परिवर्तन करने  )की क्षमता थी डॉ टॉमलिंसन  GIS का जनक कहा जाता है।

◆ सन 1980 - इस अवधि में M & S कंप्यूटिंग Envirommental System Research Institute और Computar Aided Resourse Information System जैसे कमर्शियल GIS सॉफ्टवेयर का उदय हुआ ये सभी सॉफ्टवेयर अधिक कार्यक्षमता और यूजर फेंडली के साथ CGIS के समान थे उपयोक्त सभी मे से सबसे लोकप्रिय आज ESG उत्पादों जैसे ArcGIS, ArcView है जो वैश्विक बाजार में लगभग 80% है।

निस्कर्ष :-
 दोस्तो आप सभी को ये पोस्ट कैसा लगा दोस्तो अगर ये पोस्ट acha लगा होगा तो आप सभी इस पोस्ट को ज्यादा से ज़्यादा अपने दोस्तों में shear करे ताकि उन्हें भी इसकी जानकारी मिल सके अगर आपको कुछ नही समझ आया है तो आप मुझे कमेंट कर के पूछ सकते हैं।

Post a Comment

0 Comments