POCSO Full Form In Hindi, Pocso किसभी जानकारी हिंदी में?

हेलो फ्रेंड आप सभी का स्वागत है आपके अपने ब्लॉग hytechsin.com में फ्रेंड हम आज की पोस्ट में जानेंगे कि POCSO क्या है और इस का फुल फॉर्म क्या होता है POCSO से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने के लिए आप मेरे पोस्ट के लास्ट तक मेरे साथ बने रहे मैं कोशिश करूंगा की POCSO  क्या है मैं आपको हिंदी में अच्छे से समझा सकूं और इससे जुड़ी सभी जानकारी के बारे में बता सकूं।

POCSO का full form क्या होता है?

यह कानून बच्चों को छेड़खानी बलात्कार और कुकर्म जैसे मामलों से सुरक्षा प्रदान करने के लिए बनाया गया है। POCSO  शब्द अंग्रेजी से आता है का फुल फॉर्म है प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेस एक्ट है।

पोक्सो कानून क्या है?

पी ओ सी एस ओ एस का पूरा नाम का पूरा नाम ओ एस का पूरा नाम का पूरा नाम सी एस ओ एस का पूरा नाम का पूरा नाम ओ एस का पूरा नाम का पूरा नाम the protecting of children from sexual offences act प्रोटक्शन आफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेस एक्ट है चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेस एक्ट है फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेस एक्ट है पोक्सो एक्ट 2012 को बच्चों के प्रति यौन उत्पीड़न और यौन शोषण और पोर्नोग्राफी जैसे जघन्य अपराधों को रोकने के लिए महिला और बाल विकास मंत्रालय ने बनाया था वर्ष 2012 में बनाए गए इस कानून के अलग-अलग अपराध के लिए अलग-अलग अपराध के लिए अलग-अलग सजा तय की गई है

देश में बच्चियों के साथ बढ़ती दरिंदगी को रोकने के लिए पार्क सो एक्ट 2012 में बदलाव किया गया है जिसके तहत अब 12 साल तक की बच्ची से रेप के दोषियों को मौत की सजा मिलेगी सरकार की ओर से रखे गए इस प्रस्ताव को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी अप्रैल 2018 को मिल गई है अब सरकार इसके लिए अध्यादेश लाएगी

पोक्सो अधिनियम की धारा 7 और 8 के तहत वह मामले पंजीकृत किए जाते हैं जिसमें बच्चों के गुप्तांग से छेड़छाड़ की जाती है इस धारा के आरोपियों पर दोष सिद्ध हो जाने पर 5 से 7 साल की सजा और जुर्माना हो सकता है इस एक्ट को बनाना इसलिए भी जरूरी था क्योंकि बच्चे बहुत ही मासूम होते हैं और आसानी से लोगों के बातों में आ जाते हैं कई बार तो बच्चे डर के कारण उनके साथ हुए सोशल को माता-पिता को नहीं बता पाते हैं

इस एक्ट के प्रावधान इस प्रकार हैं के प्रावधान इस प्रकार हैं प्रावधान इस प्रकार हैं?

यौन शोषण की परिभाषा -  इसमें योन उत्पीड़ित और अश्लील साहित्य सेक्सुअल ऑर्गन सेक्सुअल हमला हमला को शामिल किया गया है

1). इसने भारतीय दंड संहिता 1807 के अनुसार सहमति से सेक्स करने की उम्र को 16 वर्ष से बढ़ाकर 18 वर्ष कर दिया गया है इसका मतलब है कि

★  यदि कोई व्यक्ति एक बच्चे सहित किसी बच्चे के साथ उसकी सहमति या बिना सहमति के यौन कृत्य करता है तो उसको पोक्सो एक्ट के अनुसार सजा मिलती है

यदि कोई पति या पत्नी 18 साल से कम उम्र के जीवन साथी के साथ यौन कृत्य करता है तो यह अपराध की श्रेणी में आता है और उस पर मुकदमा चलाया जा सकता है

पोक्सो कानून के तहत सभी अपराधों की सुनवाई एक विशेषण न्यायालय द्वारा कैमरे के सामने बच्चे के माता-पिता या जिन लोगों पर बच्चा भरोसा करता है उनकी जिन लोगों पर बच्चा भरोसा करता है उनकी उपस्थिति में की कोशिश करनी चाहिए

"★ यदि अभिव्यक्त एक किशोर है तो उसके ऊपर किशोर न्यायालय अधिनियम 2000 बच्चों की देखभाल और संरक्षण में मुकदमा चलाया जाएगा

यदि पीड़ित बच्चा विकलांग है या मानसिक रूप से या शारीरिक रूप से बीमार है तो विशेष अदालत को उसकी गवाही को रिकॉर्ड करने या किसी अन्य उद्देश्य के लिए अनुवादक डूबा सिया या विशेष शिक्षक की सहायता लेनी चाहिए

यदि अपराधी ने कुछ ऐसा अपराध किया है जो कि बाल अपराध कानून के अलावा अन्य कानून में भी अपराध है तो अपराधी को सजा उस कानून में तहत होगी जो कि सबसे सख्त है

इसमें खुद को निर्दोष साबित करने का दायित्व अभियुक्त पर होता है इसमें झूठा आरोप लगाने झूठी जानकारी देने तथा किसी की छवि को खराब करने के लिए सजा का प्रावधान भी है

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जो लोग योन प्रयोजनों के लिए बच्चों का व्यापार करते हैं उनके लिए भी सख्त सजा का प्रावधान है

 सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय बाल सुरक्षा मानकों के अनुरूप इस अधिनियम में यह प्रावधान है कि यदि कोई व्यक्ति यह जानता है कि किसी बच्चे का योन शोषण हुआ है तो उसके इसकी रिपोर्ट नजदीकी थाने में देनी चाहिए यदि वह ऐसा नहीं करता है तो उसे 6 महीने का कारावास और आर्थिक दंड लगाया जा सकता है

यह अधिनियम बाल संरक्षण की जिम्मेदारी पुलिस को सौंपा है है इसमें पुलिस को बच्चे की देखभाल और संरक्षण के लिए तत्काल व्यवस्था बनाने की जिम्मेदारी दी जाती है जैसे बच्चे के लिए आपातकालीन चिकित्सा उपचार प्राप्त करना और बच्चे को आश्चर्य गृह में रखना इत्यादि

पुलिस की यह जिम्मेदारी बनती है कि मामले को 24 घंटे के अंदर बाल कल्याण समिति सीडब्ल्यूसी की निगरानी में लाया जाए ताकि सीडब्ल्यूसी बच्चे की सुरक्षा और संरक्षण के लिए जरूरी कदम उठा सके

इस अधिनियम में बच्चे की मेडिकल जांच के लिए प्रावधान भी किए गए हैं जो कि इस तरह की होती इस तरह की होती बच्चे के लिए कम से कम पीड़ादायक हो मेडिकल जांच बच्चे के माता-पिता या किसी अन्य व्यक्ति की उपस्थिति में किया जाना चाहिए जिस पर बच्चे का विश्वास हो और बच्ची को मेडिकल जांच महिला चिकित्सालय द्वारा ही की जानी चाहिए

इस अधिनियम मैं इस बात का ध्यान रखा गया है कि न्यायिक व्यवस्था के द्वारा फिर से बच्चे के ऊपर जुल्म ना किया जाए इस एक्ट में केस की सुनवाई एक स्पेशल अदालत द्वारा बंद कमरे में कैमरे के सामने दस्ताना माहौल में किया जाने का प्रावधान है या दौरान बच्चे की पहचान गुप्त रखने की कोशिश की जानी चाहिए विशेष न्यायालय उस बच्चे को दिए जाने वाले मुआवजे की राशि का निर्धारण कर सकता है जिससे बच्चे के चिकित्सा उपचार और व्यवस्था की जा सकती है है है

अधिनियम में यह कहा गया है कि बच्चे की यौन शोषण का मामला - घटने घटने की तारीख से 1 वर्ष के भीतर निपटाया जाना चाहिए

सरकार द्वारा बच्चों के यौन शोषण के लिए पोक्सो एक्ट में किया गया प्रधान 2012 में किए गए थे जोकि बहुत देर देर से किए गए हैं पक्षों के अंतर्गत बच्चों के खिलाफ यौन अपराध के 1618 मामले 2012 से 2016 के बीच दर्ज किए गए हैं इसमें पचासी परसेंट मामले अभी भी कोर्ट में लंबित पड़े हुए हैं अपराधी को सजा मिलने की सिर्फ दो पर्सेंट है जो कि किसी भी किसी भी जो कि किसी भी किसी भी कि किसी भी किसी पर्सेंट है जो कि किसी भी किसी भी जो कि किसी भी किसी भी कि किसी भी किसी भी तरह से ठीक नहीं ठहराया जा सकता है

सरकार को इस एक्ट में और जरूरी सुधार करने होंगे ताकि पीड़ित को जल्दी से जल्दी न्याय मिल सके ज्यादातर मामले में देखने में आया है कि बच्चों का शोषण जान पहचान पहचान के लोग ज्यादा करते हैं और घर के लोग उन पर शक भी नहीं करते हैं इसलिए माता-पिता का यह दायित्व बनता है कि जिन लोगों के साथ बच्चे खेल रहे हैं उन पर पूरी नजर रखें

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के कार्य

आपदा प्रबंधन पर नीतियां बनाना आपदाओं से निपटने के लिए राष्ट्रीय योजना को मंजूरी देना राष्ट्रीय योजना के अनुसार भारत सरकार के मंत्रालय या विभागों विभागों द्वारा बनाई गई योजनाओं को मजबूरी देना आपदा को रोकथाम या इसके प्रभाव को कम करने के लिए दिशा निर्देशों को बनाना इन दिशा निर्देशों का पालन भारत सरकार के विधि मंत्रालय या विभागों विभागों या विभागों विभागों द्वारा किया जाना चाहिए राज्य प्राधिकरणों द्वारा आपदाओं से निपटने के लिए राज्य योजना बनाते समय राज्य प्राधिकरणों के लिए दिशा-निर्देशों को बनाएं प्राकृतिक आपदा के प्रभाव को कम करने के लिए धन के परिवार की सिफारिश करना आपदा प्रबंधन नीति और योजनाओं के प्रवर्तन और कार्य वर्णन में समन्वय करना आपदा की स्थिति से निपटने के लिए क्षमता निर्माण को विकसित करने आपदाओं को रोकने के लिए उचित उपाय करना राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्था के कामकाज के लिए नीतियां और दिशानिर्देश बनाना केंद्र सरकार की विदेशी नीति के अनुसार घातक प्राकृतिक आपदाओं के दौरान पड़ोसी देशों को आवश्यक समर्थन प्रदान करना।

निस्कर्ष :-
हेलो फ्रेंडस मैं उम्मीद करता हूं कि POCSO क्या है और इस का फुल फॉर्म क्या होता है यह तो आप समझ ही गए होंगे POCSO  से जुड़ी जानकारी आपको कैसी लगी ये  मुझे कमेंट करके जरूर बताएं और किसी प्रकार के प्रश्न अगर आपके मन में हो तो आप कमेंट करके या फिर सोशल मीडिया के जरिए मेरे साथ जुड़ सकते हैं और अपने मन में हो रहे प्रश्न को पूछ सकते हैं।

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