PPF Full Form In Hindi, PPF से जुड़ी सभी जानकारी हिंदी में?

PPF FULL FORM IN HINDI पब्लिक प्रोविडेंट फंड पीपीएफ अकाउंट की जानकारी हिंदी में?

सन 1968 में भारत सरकार ने वित्त मंत्रालय के अंतर्गत इस योजना की शुरुआत हुई थी यह एक कर मुक्त मुक्त बचत योजना है जिसके तहत पीपीएफ खाते में आए हुए ब्याज पर किसी भी तरह का का कर नहीं लगता है।

दोस्तो पीपीएफ में जमा की गई राशि पर कर कटौती का दावा किया जा सकता है जिसकी सहायता से पीपीएफ स्कीम पीपीएफ स्कीम भारत की सबसे बढ़िया कर मुक्त सेवा में से एक है इसे लागू करने की सबसे मुख्य वजह लोगों को बचत करने के लिए प्रोत्साहित करना और सेवा निवृत्ति के के तहत राशि जमा करना था।

क्या है पब्लिक प्रोविडेंट फंड पीपीएफ अकाउंट क्या हैं?

पब्लिक प्रोविडेंट फंड जिसे सार्वजनिक भविष्य निधि भी कहा जाता है कहा जाता है यह एक बचत अर्थात कर बचत जमा योजना है जिसकी शुरुआत वित्त मंत्रालय ने वित्त मंत्रालय ने 1968 में की थी पीपीएफ का मुख्य उद्देश्य लोगों में बचत की भावना बढ़ाना भी था था जिसमें उन्हें टैक्स बचत का लाभ दिया गया था एक तरह की भविष्य जमा पूंजी है इसीलिए इसे सार्वजनिक भविष्य निधि कहते हैं

पब्लिक प्रोविडेंट फंड खाता की टीवी डाकघर एसबीआई बैंक की डाकघर एसबीआई बैंक की किसी भी शाखा अथवा सिटी में राष्ट्रीय कृत राष्ट्रीय कृत कृत में राष्ट्रीय कृत राष्ट्रीय कृत बैंक में खोला जा सकता है आदमी की जीपीएस के तहत अपने पैसे अपने पैसे तहत अपने पैसे अपने पैसे के तहत अपने पैसे अपने पैसे अपने पैसे एक निश्चित समय के लिए जमा करा सकते है और अपने पैसे पर ब्याज भी पा सकते है।

पीपीएफ एक लंबी अवधि का निवेश है जिसमें हर तरह के लोग अपनी राशि को जमा करा सकते हैं यह सरकार की तरफ से लोगों को दी जाने वाली सेवा है अतः इसमें किसी तरह का जोखिम भी नहीं रहता है।

पीपीएफ फंड की सात मुख्य मुख्य बातें?

पीपीएफ अकाउंट के लिए सात मुख्य बातों को जानना अत्यंत आवश्यक मुख्य बातों को जानना अत्यंत आवश्यक है जो नीचे दिए गए हैं।

★ पीपीएफ खाता को शुरू करने के लिए सिर्फ ₹100 की आवश्यकता होती है इसमें कम पैसे कम पैसे कमाने वाले व्यक्ति भी धन पाने की निवेश कर सकते हैं इसके लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के किसी भी शाखा में आवेदन किया जा सकता है स्टेट बैंक के अलावा भी और और कई बैंक है।

Friends जो इस सुविधा को अपने ग्राहकों के लिए देता है बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बरोदा आदि सरकारी बैंकों में पीपीएफ खाता खोला जा सकता है डांस घरों में इसके लिए आवेदन दिया जा सकता है व्यक्ति अपने बच्चों के नाम से भी पीपीएफ खाता खुलवा सकते हैं।

★ पीपीएफ अकाउंट में कम से कम और अधिक कम और अधिक और अधिक से अधिक राशि जमा कराने की सुविधा है 1 साल के अंदर ग्राहक को कम से कम ₹500 जमा करने की आवश्यकता होती है इस खाते में सालाना अधिकतम ₹150000 जमा किए जा सकते हैं।

दोस्तो यह डिपाजिट एक साथ अर्थात किस्तों अर्थात किस्तों साथ अर्थात किस्तों अर्थात किस्तों किस्तों मैं जमा किया जा सकता है ग्राहक अपने किस्तों की संख्या तथा किस्तों की राशि को अपने सुविधानुसार बड़ा अथवा घटा सकते हैं न्यूनतम सालाना राशि जमा ना कर पाने पर ग्राहक का खाता बंद करा दिया जाता है सरकार द्वारा बनाए गए 1 नियम के तहत सालाना किस्तों की अधिकतम संख्या 12 हो सकती है।

★ खाते में जमा की गई पूरी राशि निश्चित समय पूरा होने के बाद ही उठाई जा सकती है हालांकि आवश्यकता होने पर ग्राहक अपने पीपीएफ खाते से पैसा उठा सकता है लेकिन एक निश्चित सीमा तक राशि 50% से अधिक नहीं हो सकती है कैश डेथ होने की वजह से पीपीएफ अकाउंट बंद हो सकता है।

★ अच्छी सी अधिनियम के तहत पीपीएफ खाते में डिपॉजिट करते वक्त कुछ कटौती होती हैं निश्चित समय समाप्त हो जाने पर अमाउंट और उसके बयान पर किसी तरह का कर नहीं लगता है सिर्फ याद ही नहीं बल्कि पीपीएफ डिपॉजिट भी वेल्थ टैक्स से मुक्त होता है।

★ पीपीएफ की सहायता से मिल भी लिया जा सकता है इसके लिए कुछ विशेष नियम और शर्ते हैं रीड तीसरे वर्ष से छठे वर्ष वर्ष के बीच लिया जा सकता है यह ऋण पीपीएफ खाते के कुल राशि का 25% तक लिया जा सकता है यह ऋण पूर्णांक 24 महीने के अंदर लौट आना होता है रोड पर पर होता है रोड पर पर लगने वाले ब्याज दर पीपीएफ पर मिलने वाली ब्याज दर से 2% अधिक होती है।

★ 15 वर्ष के बाद भी अपने पीपीएफ अकाउंट को कोई जहाज चालू करा सकता सकता है किंतु आगे यह समय सीमा समय सीमा 5 से 5 वर्ष के अंतर्गत आती है खाते में जमा राशि पर ग्राहक को ब्याज मिलता रहेगा इस दौरान खाते में पैसा ना जमा करने पर खाते से पैसा उठाया जा सकता है किंतु वर्ष में सिर्फ एक ही बार यह सुविधा प्राप्त होती है।

★ इसमें जॉइंट अकाउंट अकाउंट नहीं बनाया जा सकता है।

पीपीएफ की क्या योग्यता होती हैं?

इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए ग्राहकों को कुछ योग्यता प्रदर्शित करनी होती है जो निम्नलिखित हैं।

★ एक आदमी सिर्फ एक ही पीपीएफ खाता रख सकता है व्यक्ति भारत का नागरिक होना चाहिए और उसकी उम्र 18 वर्ष से अधिक ना होने चाहिए इसके लिए अधिकतम आयु की सीमा तय नहीं की गई है।

★ यह अकाउंट 18 वर्ष से कम उम्र के लिए भी खोला जा सकता है इसके प्रति वर्ष अधिकतम 1500000 रुपए डिपॉजिट किए जा सकते हैं ग्रैंड पेरेंट्स अपने नाती पोते के लिए यह खाता नहीं खुला सकते अभिभावकों खाता धारक का माता-पिता का माता-पिता धारक का माता-पिता का माता-पिता होना अनिवार्य है।

★ एनआरआई इस सुविधा का लाभ नहीं उठा सकते हैं ऐसे लोग जो खाता बना ले ने के बाद देश में नहीं रहते वे प्लान के निश्चित समय सीमा तक को पूरा कर सकते हैं मैच्योरिटी के लिए 15 वर्ष का समय लगता है।

★ एचयूएफ हिंदू अविभाजित परिवार इस सुविधा का लाभ नहीं उठा सकते यह कानून सन 2005 से लागू किया गया है 13 मई 2005 से पहले जिन हिंदू अविभाजित परिवारों में पीपीएफ खाता खोला है उन्हें मेच्योरिटी में पीपीएफ खाता खोला है उन्हें मेच्योरिटी है उन्हें मेच्योरिटी का पूरा मौका दिया जाएगा।

★ विदेशी नागरिक भी इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।

पीपीएफ अकाउंट के क्या नियम होते हैं?

पब्लिक प्रोविडेंट फंड 1968 के अंतर्गत कई तरह के नियमों को सरकार ने लागू किया है इसके लिए ग्राहक का पीपीएफ के लिए योग्य होना और सही दस्तावेजों का होना अति अनिवार्य है नीचे दिए गए एक -  एक करके सभी बिंदुओं पर प्रकाश डालिए।

पीपीएफ अकाउंट खुलवाने के लिए आवश्यक दस्तावेज क्या - क्या हैं?

पीपीएफ अकाउंट खुलवाने के लिए केवाईसी डॉक्यूमेंट की आवश्यकता पड़ती है इसमें परिचय पत्र आवाज प्रमाण पत्र हस्ताक्षर परमार आदि आदि हस्ताक्षर परमार आदि आदि पत्र हस्ताक्षर परमार आदि आदि हस्ताक्षर परमार आदि आदि होता है नीचे  एक-एक करके आवश्यक दस्तावेजों के नाम दिए जा रहे हैं।

◆ पासपोर्ट पैन कार्ड आधार कार्ड ड्राइविंग लाइसेंस वोटर आईडी किसी तरह का यूटिलिटी बिल लिंक अग्रीमेंट बैंक अकाउंट स्टेटमेंट राशन कार्ड हस्ताक्षरित चेक आदि महत्वपूर्ण दस्तावेज है हस्ताक्षरित चेक आदि महत्वपूर्ण दस्तावेज है आदि महत्वपूर्ण दस्तावेज है जिनकी आवश्यकता पीपीएफ अकाउंट के लिए पड़ती है।

◆ इसके अलावा खाताधारक का फोटोग्राफ आवेदन पत्र पत्र नॉमिनी का नाम तथा बैंक द्वारा मांगे जाने वाले विशेष दस्तावेज आदि आवश्यक है विशेष दस्तावेज मुख्यतः 18 वर्ष से कम उम्र के लिए मांगी जाते हैं जिनमें जन्म प्रमाण पत्र स्कूल सर्टिफिकेट आदि होते हैं।

कुछ बैंकों के नाम जो पीपीएफ की सुविधा देते हैं?

पीपीएफ अकाउंट सभी बैंकों में नहीं खोला जा सकता है इसके लिए सरकार द्वारा निर्देशित कुछ सरकारी बैंक होते हैं जो इस काम को बहुत देखभाल के साथ करते हैं नीचे कुछ बैंकों के नाम दिए जा रहे हैं जैसे -

1).स्टेट बैंक ऑफ इंडिया 
2).बैंक ऑफ पटियाला 
3).सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया 
4).आईसीआईसीआई बैंक
 5).यूनियन बैंक ऑफ इंडिया 
6).आईडीबीआई बैंक 
 7).कारपोरेशन बैंक 
8).देना बैंक 
 9).इंडियन ओवरसीज बैंक 
10).पंजाब नेशनल बैंक 
11).यूको बैंक 
12).यूनाइटेड बैंक
 13).बैंक ऑफ इंडिया

पीपीएफ अकाउंट की शुरुआत कैसे होती हैं?

 यह अकाउंट किसी पोस्ट ऑफिसर अथवा किसी सरकारी बैंक में जाकर खुलवाया जा सकता है अकाउंट शुरू होते समय खाते में न्यूनतम ₹100 जमा करना आवश्यक है।

★ पोस्ट ऑफिस अथवा बैंक में किसी भी निर्धारित बैंक कथा पोस्ट ऑफिस मैं जा कर यह खाता खुलवाया जा सकता है वहां जाकर पीपीएफ का आवेदन फॉर्म लिया जा सकता है।

★  इसके बाद उसे  अच्छी तरह से भर के आवश्यक दस्तावेजों के साथ जमा किया जा सकत है बैंक और पोस्ट ऑफिस इस काम में सरकार के एजेंट की तरह काम करती हैं।

★ ऑनलाइन यह खाता चुने गए बैंक के ऑनलाइन वेबसाइट पर जाकर यह खाता खुलवाया जा सकता है ऑनलाइन खाता खुलवाने का सबसे बड़ा लाभ है समय की बचत करना बैंक की वेबसाइट का नियम और शर्तें दी हुई होती हैं जिन्हें पढ़ना जरूरी होता है कई सारे बैंक खाते को न्यूनतम खाते से लिंक करने की सुविधा भी देते हैं नीचे कुछ आवश्यक निर्देश दिए जा रहे हैं।

★ सबसे पहले निर्दिष्ट बैंक अकाउंट के वेब पोर्टल पर जाकर वहां से पीपीएफ का आवेदन पत्र डाउनलोड कर ले।

★  इसके बाद उपर्युक्त दिए गए आवश्यक दस्तावेजों को इकट्ठा कर निर्देशक बैंक अथवा पोस्ट ऑफिस में जाकर जमा करा दें।।

★ खाता धारक का नाम सभी दस्तावेजों में सम्मान होना अति आवश्यक है।

पीपीएफ फॉर्म क्या हैं?

पीपीएफ फॉर्म के लिए कई तरह के फॉर्म सरकार द्वारा लागू किए गए हैं यह फॉर्म ए से एच तक के अलग-अलग फॉर्म हैं यह सारे फॉर्म विभिन्न उद्देश्यों के लिए होते हैं ग्राहक अपनी सुविधा अनुसार अपना फॉर्म चुनते हैं नीचे सभी फॉर्म सभी फॉर्म के विषय में मैंने आपको बताया है।

◆ फॉर्म ए ( पीपीएफ अकाउंट खोलने के लिए ): यह फॉर्म उन लोगों के लिए है जो पहली बार पीपीएफ अकाउंट खोलते हैं इसमें ग्राहक को सभी आवश्यक जानकारियां देनी होती है नाम पता जन्म की तारीख पेन कार्ड हस्ताक्षर आदि  18 वर्ष से कम के लोगों के लिए उनकी जानकारियां और साथ ही उनके अभिभावक की सभी जानकारियां देनी होती है यदि खाता ग्राहक खुद ना खोल कर सारे औपचारिक काम किसी एजेंट से करवा रहे हैं तो फॉर्म में एजेंट की जानकारी देना अनिवार्य है।

◆ फॉर्म बी  ( डिपॉजिट अथवा पीपीएफ के जरिए ऋण के भुगतान के लिए ): यह फॉर्म अकाउंट में पैसा जमा करने अथवा उठाने के लिए प्रयोग किए जाते हैं अपने खाते को सदैव चालू रखने के लिए वर्ष में एक बार पैसा जमा करना आवश्यक होता है  पीपीएफ खाते की सहायता से लिए  गए ऋण का भुगतान भी किया जाता है अमाउंट चेक पी ओ, डीडी आदि की सहायता से इस फॉर्म को आसानी से भरा जा सकता है।

◆ फॉर्म सी - इसका इस्तेमाल पीपीएफ अकाउंट के आंशिक रूप से धन निकालने के लिए किया जाता है खाता खोलने के साथ  कुछ वर्ष बाद भी ग्राहक अपने पीपीएफ खाते से आंशिक रूप से कुछ राशि निकाल सकता है यह राशि इसी फॉर्म सी की सहायता से निकाली जा सकती है इसमें ग्राहक अपना खाता क्रमांक नाम और आंशिक राशि भरता है।

◆ फॉर्म डी - इसका इस्तेमाल ग्राहक अपने पीपीएफ अकाउंट के सहारे ऋण के लिए आवेदन देता है ग्राहक अपने खाता खोलने के 3 साल से 6 साल तक के बीच की अवधि में ऋण ले  सकता है इसमें ग्राहक का पीपीएफ अकाउंट संख्या राशि और उस ऋण राशि का लागू दर का विवरण होता है यह मुख्य 3 वर्ष के अंदर चुकाना होता है

फॉर्म ई - पीपीएफ खाते में नॉमिनी का नाम  जुड़ने के लिए इस फॉर्म का इस्तेमाल किया जा सकता है एक पीपीएफ अकाउंट में एक  से अधिक लोग नामांकित से अधिक लोग हो सकते हैं नामांकित होने वाले व्यक्ति का नाम उसका पता और खाताधारक के साथ उसके संबंध का पूरा विवरण इस फॉर्म में देना होता है यदि एक से अधिक नामिनी हो तो प्रत्येक नामिनी  के लिए प्रतिशत लाभ का भी ब्यौरा इस फॉर्म में दिया जाता है।

फॉर्म एफ - पीपीएफ अकाउंट में से नॉमिनी का नाम हटाने अथवा बदलने के लिए इस फॉर्म का इस्तेमाल किया जाता है इसमें खाताधारक को नामिनी कब हटाया अथवा कब हटाया या बदला स्थानांतरित किया जा रहा है और उसका नाम क्या है पीपीएफ अकाउंट के समय अवधि से किसी भी समय नामिनी बदला अथवा हटाया जा सकता है इसी  तरह से नामिनी  के लाभ प्रतिशत को भी बदला जा सकता है ।

फॉर्म जी - किसी नॉमिनी से पीपीएफ अकाउंट के लिए फंड मांगने के लिए इस फॉर्म का इस्तेमाल होता है ऐसा करने से किसी खाता धारक को इस फॉर्म में सभी आवश्यक जानकारियां उसका लाभ प्रतिशत दर आदि देने की आवश्यकता होती है।

 फॉर्म एच - खाता की मैच्योरिटी की समय सीमा बढ़ाने के लिए इस फॉर्म का इस्तेमाल होता है मेच्योरिटी का कुल समय 15 वर्ष का होता है इसके बाद भी यदि खाताधारक चाहे तो 5 वर्ष के अंतराल के साथ अपने खाता की मैच्योरिटी सीमा बांध सकता है इस फॉर्म में खाता क्रमांक और खाता खुलने की तारीख देना अति आवश्यक है।

 पीपीएफ अकाउंट के ब्याज दर क्या है जानिए?

यह एक लंबे समय तक चलने वाला प्लान है नीचे कुछ सालों का ब्याज दर प्रतिशत दिया जा रहा है।
वित्तीय वर्ष                 PPF अकाउंट ब्याज दर
1). अप्रैल 2015-                    8.70%
मार्च 20116

2). मार्च 2016 -                       8.10%
 सितंबर 2017

3). अक्टूबर 2017 -                    8%
मार्च 2017

4). अप्रैल 2017 -                      7.90%
जून 2017

5). जुलाई 2017 -                      7.80%
 सितंबर 2017

6). जनवरी2018-                       7.60%
अब तक

 पीपीएफ अकाउंट को बंद करने के क्या नियम हैं?

पीपीएफ अकाउंट को मैच्योरिटी के पहले बंद नहीं किया जा सकता है यद्यपि खाता निष्क्रिय हो जाने पर 15 वर्ष तक उसका पैसा उठाया नहीं जा सकता है 15 साल की मैच्योरिटी पूरी हो जाने पर अपने खाते में  जमा सारी राशि खाताधारक एक ही साथ उठा सकता है।

पीएच अकाउंट का पुननर्विनिकर्ण कैसे होता हैं?

पंद्रह वर्ष की समय सीमा  पूरी हो जाने के बाद भी खाता धारक अपने खाता का पुनर्विकर्ण नहीं सकता है।

★  मैच्योरिटी के बाद निवेश ना करने पर खाता में जमा पैसा अपने ब्याज दर के हिसाब से चलता रहेगा निवेश ना करने पर साल में एक बार खाता धारक द्वारा पैसा उठाया भी जा सकता है।

★ मैच्योरिटी के बाद निवेश करने पर नया निवेश 15 साल के बाद जमा हुई राशि के साथ जुड़ जाता है और वह पूरे जमा किए पैसे पर 15 साल के अंत में तय किया जाता है इस तरह के प्लान  खाताधारक की  आवश्यकता पड़ने पर अपनी जमा की गई राशि का अधिकतम 60% ही उठा सकते हैं।

पीपीएफ अकाउंट के निष्क्रियता और सक्रियता क्या हैं?

पीपीएफ खाते को निरंतर चालू रहने के लिए इस खाते में प्रतिवर्ष पैसा डालना बहुत जरूरी होता है प्रतिवर्ष कम से कम 500 रुपए  की राशि देने की जरूरत होती है यदि किसी वर्ष ऐसा नही हो सकता है तो खाता निष्क्रिय हो जाता है।


इस परिस्थिति में खाताधारक को अपना अकाउंट शुरू करने के लिए ₹500 का पेनल्टी भरना होता है यह  जितनी बार खाता निष्क्रिय होता है उतनी बार खाता धारक को लगती है मसलन यदि किसी खाता धारक का खाता तीसरे चौथे और पांचवे साल तक बंद रहता है तो इसे पुनः सक्रिय करने के लिए सबसे पहले 50 रुपए के हिसाब से 3 महीने का पेनाल्टी 150 रुपए और इस 3 महीने का ₹500 की न्यूनतम राशि के हिसाब से 1500 रुपए और साथ ही 3 साल का 500 रुपए यानी कुल ₹2000 पेनाल्टी के अतिरिक्त जमा करना होता है।

निवेश और रिटर्न क्या हैं?

पब्लिक प्रोविडेंट फंड खाते में धारक को न्यूनतम 500 और अधिकतम 1,50.000  रुपए की राशि जमा करने की स्वतंत्रता होती है किसी भी स्थिति में धारक 1,50.000 से ज्यादा की राशि खाते खाते खाते से ज्यादा की राशि खाते में नहीं डाल सकता  यह निवेश खाता धारी प्रतिवर्ष एक किश्त  दिया अधिकतम 12 किस्तों  में जमा कर सकता है।

इस पर मिलने वाला ब्याज वित्त मंत्रालय द्वारा तय किया जाता है जो कि वर्तमान सरकार द्वारा 8.70% तय किया गया है यह ब्याज  31 मार्च तक अदा किया जाता है।

पीपीएफ अकाउंट से टैक्स के क्या लाभ हैं?

पीपीएफ निवेश में टैक्स बहुत आसानी से मिलता है यह उन लोगों के लिए बहुत ही लाभकारी है जो अपनी नित्तीय को ध्यान में रखते हुए निवेश कर रहे हैं।

◆ पीपीएफ EEE टैक्स के अंतर्गत आता है।
◆ अपने जीवनसाथी अथवा बच्चों के पीपीएफ बच्चों के पीपीएफ खाते में जमा की जाने वाली राशि भी कर मुक्त होती है।
◆ अकाउंट से पैसा उठाने पर  भी किसी कर का भुगतान नहीं करना होता है।
◆ इसमें प्राप्त होने वाले व्याज कर कर मुक्त होते हैं।

योजना की अवधि क्या होती हैं?

पब्लिक प्रोविडेंट फंड खाते की अवधि 15 वर्ष की होती है अर्थात 15 वर्ष पूरे होने पर खाता धारक की  इच्छा अनुसार इसे 5 - 5 वर्ष के ब्लॉक में बढ़ाया भी जा सकता है।

ऋण की सुविधा

भारत पीपीएफ खाते पर ऋण ले सकता है लेकिन यह ऋण वह खाता खोलने के तीसरे वर्ष से ले सकता है ऋण के समय ब्याज दर के आंकड़े बदल जाते हैं।

नामांकन

यह खाता किसी के नाम से भी खुलवाया जा सकता है नाबालिक का भी भी पब्लिक प्रोविडेंट फंड बनाया जा सकता है इस खाते की एक या अधिक  उत्तराधिकारी भी बनाए जा सकते हैं अगर धारक की मृत्यु हो जाए तब इन उत्तरदाई को पीपीएफ खाते का मालिकाना हक मिलता है  उत्तरदाई खाताधारक स्वयं तय करता है कि साथ खाता धारक की मृत्यु के बाद उत्तराधिकारी के बारिश होने का प्रमाण होना आवश्यक है।

स्थानांतरण

पब्लिक प्रोविडेंट फंड को पोस्ट ऑफिस स्टेट स्टेट बैंक से पोस्ट ऑफिस अथवा एक ब्रांच से दूसरे अथवा एक ब्रांच से दूसरे ब्रांच से दूसरे ब्रांच में ट्रांसफर किया जा सकता है।

★ पीपीएफ ट्रांसफर के लिए एक फॉर्म दिया जाता है जिसे भरकर धारक अपने बैंक में बैंक में जमा करा सकता है।

★ बैंक उस फॉर्म और पीपीएफ खाते के दस्तावेज धारक की पासबुक एवं हस्ताक्षर की प्रति पोस्ट ऑफिस या अन्य बैंक ब्रांच जहां खाता स्थानांतरित करना है वहां भेजता है।

★ अन्य बैंक उन दस्तावेजों की वेरीफाई करके  पब्लिक प्रोविडेंट फंड खाता इस तांत्रिक के लिए राजी होती है।

★ धारक चाहे तो पीपीएफ का वारिस बदल सकता है साथ ही धारक को केवाईसी दस्तावेज जमा कराना भी  अनिवार्य होता है।

आंशिक निकासी

इस खाते का लॉक की अवधि 15 वर्ष तय की गई है की गई है लेकिन धारक अपनी आवश्यकता के अनुसार आंशिक निकासी भी कर सकता है जिसे  premature withdrawal कहते हैं इसके तहत पब्लिक प्रोविडेंट फंड खाते से अधिकतम 15 परसेंट राशि निकाली जा सकती है लेकिन यह सुविधा छठे साल के खत्म होने पर मिलती है।

निस्कर्ष :-
हेलो फ्रेंड मैं उम्मीद करता हूं कि पीपीएफ क्या है यह आप तो समझ ही गए होंगे मैंने आपको इससे जुड़ी सभी जानकारी हिंदी में बता दी है फ्रेंड अगर आपको मेरी पोस्ट अच्छी लगी हो तो इसे ज्यादा से ज्यादा लोगों में शेयर करें और मुझे भी कमेंट करके बताएं कि आपको यह पोस्ट कैसा लगा।

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