UIDA क्या है, भारत मे सबसे पहला आधार कार्ड किसका बना था?

UIDAI क्या है ? भारत में सबसे पहला आधार कार्ड किसका बना था?

हेलो फ्रेंड आप सभी का स्वागत है आपके अपने ब्लॉग hytechsin.com में फ्रेंड हमारा आज का टॉपिक है यूआईडीएआई क्या है और भारत में सबसे पहला आधार कार्ड किसका बना था आज मैं आपको इस टॉपिक पर कुछ खास बातें बताने जा रहा हूं जो आप सभी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है यूआईडीएआई क्या है यह हम सभी को पता होना चाहिए।

क्या आप सभी जानते हैं कि भारत में सबसे पहला आधार कार्ड किसका बना था अगर आपको नहीं पता है तो घबराने की कोई बात नहीं है क्योंकि आज के पोस्ट में मैं आपको पोस्ट में मैं आपको यही बताने जा रहा हूं वर्तमान में देश के लगभग 90 फ़ीसदी लोगों के पास आधार कार्ड है देश की जनसंख्या 135 करोड़ से ज्यादा है अब करोड़ों लोगों में सबसे पहला आधार कार्ड किसका बना होगा यह अंदाजा लगाना बहुत ही मुश्किल है।

दोस्तो लेकिन कुछ रिपोर्ट को माने तो इसमें आपके आपके पहले आधार कार्ड के बनने की जानकारी मिल जाएगी लेकिन पहले के समय में आधार कार्ड के स्थान पर वोट आईडी कार्ड का उपयोग किया जाता था। सबसे पहला आधार कार्ड किसका बना था इसके बारे में मैं आपको बाद में बताऊंगा चलिए उससे पहले यूआईडीएआई क्या है इसके बारे में जानते हैं।

UIDAI क्या है?

इसका गठन 2009 में भारत सरकार की ओर से किया गया जिसका उद्देश्य हर भारतीय नागरिक को महत्वाकांक्षी योजना के तहत राष्ट्रीय पहचान पत्र उपलब्ध करवाना था यह कई मायनों में वोट आईडी कार्ड से बेहतर है इसके इस्तेमाल से लोगों को सरकारी या फिर किसी भी कागजी कामों में काफी मदद मिलती है।

UIDAI का full form क्या है?

यूआईडीएआई का हिंदी फुल फॉर्म होता है " भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण "

यूआईडीएआई का इंग्लिश फुल फॉर्म होता है " Unique Identification Authority Of India"

आधार कार्ड कौन जारी करता है?

आधार कार्ड भारत सरकार द्वारा भारत के नागरिकों को जारी किया जाने वाला एक पहचान पत्र है इसमें 12 अंकों का एक विशिष्ट संख्या छपी होती है जिसे भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण जारी करता है।

यह संख्या भारत में कहीं भी व्यक्ति की पहचान और पते का प्रमाण होगा भारतीय डाक द्वारा प्राप्त और यूआईडीएआई की वेबसाइट से डाउनलोड किया गया है आधार दोनों सामान्य रूप से मान्य मान्य से मान्य से मान्य मान्य है कोई भी व्यक्ति आधार के लिए नामकरण करवा सकता है नामकरण निशुल्क है आधार कार्ड एक पहचान पत्र मात्र है अर्थात यह नागरिक का प्रमाण पत्र पत्र प्रमाण पत्र पत्र पत्र नागरिक का प्रमाण पत्र पत्र प्रमाण पत्र पत्र है।

यूआईडीएआई आधार कार्ड अपडेट कैसे करें?

आधार कार्ड आज के आज के समय में हमारी पहचान का सबसे बढ़ा व आसान जरिया बन गया है इसकी अहमियत आज देश में सभी को पता है आज हर जगह आधार कार्ड की मांग की जाती है ऐसे में आए दिन आधार कार्ड अपडेट आते रहते हैं और आए दिन उससे जुड़ी खबरें जुड़ी खबरें उससे जुड़ी खबरें जुड़ी खबरें भी हमारे बीच आती रहती है।

दोस्तो इसी बीच यूआईडीएआई ने एक नया अपडेट जारी किया है इसके तहत अगर आप अपने आधार कार्ड में दर्ज मोबाइल नंबर बदलना चाहते हैं तो अब यह आसानी से हो सकता है आप अपने फोन पर एक ओटीपी के के माध्यम से फॉर्म जनरेट कर सकते हैं उसके बाद आपको आधार केंद्र जाना होगा।

फॉर्म कैसे जनरेट करें?

अब लगदा उनमें उनमें भी आधार कार्ड सेवा का लाभ उठा सकते हैं यूआईडीएआई की अपील इन बातों पर ध्यान रखें जैसे -

1). अपडेट फॉर्म जनरेट करने के लिए आपको सबसे पहले सबसे पहले यूआईडीएआई की वेबसाइट
https://ask.uidai.gov.in पर जाना होगा।

यूआईडीएआई / आधार अपडेट : आधार कार्ड मैम बदलना चाहते हैं चाहते हैं तो मोबाइल नंबर पर बस एक ओटीपी के जरिए हो जाएगा सभी बदलाव यह है प्रक्रिया -

2). इसके बाद आगे खुले पेज पर अपना फोन नंबर व  कैप्चा भरकर आगे बढ़े।

3). इसके बाद सेंड ओटीपी के बटन पर क्लिक करें और अपने फोन नंबर पर ओटीपी के लिए प्रोसीड करें।

4). आपके सामने खुले नए पेज पर आधार सर्विस लिखा होगा यहां अपडेट आधार विकल्प पर क्लिक करें।

5). इसके बाद आपके सामने एक पेज खुलेगा यहां आपको नाम आधार कार्ड पता इन सब के ऑप्शन दिख ऑप्शन दिख रहे होंगे यहां आपको जो भी बदलना है जैसे मोबाइल नंबर बदलना है या फिर फोन नंबर को आधार से लिंक करना है तो यहां आप डिटेल भरकर What do you want to update पर क्लिक करें इसके बाद आप मोबाइल नंबर सेलेक्ट करके सबमिट कर दें।

6). अब आप से आगे पेज पर कैप्चा कोड मांगा जाएगा वहां अपने फोन नंबर पर ओटीपी भेज कर कर कर इस प्रक्रिया को पूरा करें और साथ में ही अपने मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी को वेरीफाई कर दें ओटीपी को वेरीफाई कर दें फिर आप सेव एंड प्रोसीड पर क्लिक करें।

7). फॉर्म को सबमिट करने के बाद आपके पास एक नोटिफिकेशन आएगा उसमें आपके द्वारा दी गई सभी जानकारियों को दोबारा चेक कर ले इसके बाद सबमिट कर दें फिर बाद में आप अपॉइंटमेंट बुक करा ले book Appointment पर क्लिक करके आप ऐसा कर सकते हैं।

8). अब आपको अगले स्टेप में आधार केंद्र जाना होगा वहां आपसे फीस के रूप में के रूप में ₹25 ली जाएगी और फिर आपका  नंबर अपडेट कर दिया जाएगा।

जैसे की हम सभी को पता है कि आधार कार्ड की शुरुआत यूपीए सरकार में हुई थी लेकिन इसको बनवाने की जरूरत इसके लांच के कुछ साल बाद पड़ी जब देश के कई जरूरत सरकारी कामों के लिए आधार कार्ड को जारी कर दिया गया था तब शायद ही ऐसा कोई सरकारी काम होगा जिसमें आधार कार्ड की जरूरत ना पड़ी हो बैंक में खाता खुलवाने से लेकर किसी सरकारी नौकरी में आवेदन करने तक सभी कामों में आधार की जरूरत पड़ती है।

भारत में सबसे पहला आधार कार्ड किसका बना था?

भारत में पहला आधार कार्ड पाने वाला कोई आदमी नहीं बल्कि एक महिला है जिसका नाम रंजना सोनावाने है पहला आधार कार्ड पाने वाली महिला रंजना गांव में रहती है इसका गांव तेंभली पुणे से करीब 43 किलोमीटर की दूरी पर दूर-दराज इलाके में है जब इनको साल 2010 में आधार मिला था तब ऐसा लग रहा था कि इनकी जिंदगी में बड़ा बदलाव आ गया है लेकिन कुछ नहीं हुआ।

हालांकि कुछ समय के लिए रंजना और इनका गांव सुर्खियों में में जरूर बना रहा लेकिन आज भी इनके गांव की हालत पहले जैसे ही हैं टाइम्स ऑफ इंडिया ने जब रंजना के बारे में जानना तो रंजना बताती है कि साल 2010 में नेता गांव आए उनको और गांव वालों को आधार कार्ड देकर फोटो खिंचवाई और चले गए इसके बाद किसी ने उनकी कोई सुध नहीं ली आज गांव और उनके हालत जस के तस हैं।

भले ही रंजना सोनवाने वाले काम की तलाश में  भटकती रही लेकिन अब उनकी एक अनूठी पहचान है वह आधार कार्ड पाने वाली पहली भारतीय है रंजना दिहाड़ी मजदूर है और गांव में मेलों में खिलौने बेचने का काम करती है।

तू अब आप जान गए होंगे कि भारत में सबसे पहला आधार कार्ड किसका बना था आधार कार्ड सरकारी योजनाएं बैंकिंग और बीमा जैसी सुविधा के लिए बनाया गया था लेकिन आज हर काम में इसकी जरूरत पड़ती है कांग्रेस सरकार ने आधार पर योजना शुरू करने के लिए उत्तर महाराष्ट्र के नंदूरबार जिले के पाली गांव का चयन किया था इस तहत यह गांव भी आधार के शुरुआती दिनों में काफी सुर्खियों में था।

आधार कार्ड के क्या - क्या लाभ हैं

★ आधार संख्या प्रत्येक व्यक्ति के जीवन भर की पहचान है।

★ आधार कार्ड से आपको बैंकिंग वह मोबाइल फोन कनेक्शन और सरकारी व  गैर सरकारी सेवाओं की सुविधा प्राप्त करने में सुविधा होगी।

★ किफायती तरीके व सरलता से ऑनलाइन विधि से सत्यापन योग्य।

★ सरकारी व निजी डेटाबेस में से डुप्लीकेट और नकली पहचान को समाप्त करने के बड़ी संख्या में अनूठा एवं ठोस प्रयास है।

★ एक क्रम रहित उत्पन्न संख्या जो संख्या जो किसी भी जाति पथ मजहब एवं भौगोलिक क्षेत्र एवं वर्गीकरण पर आधारित नहीं है।

★ अब आधार कार्ड के द्वारा पैसा भी निकाला जा सकता है।


आधार कार्ड बनना कब शुरू हुआ?

आधार कार्ड 28 जनवरी 2009 की योजना आयोजन में विशिष्ट संख्या वाले पहचान पत्र को बनाने के लिए यूआईडीएआई के गठन का नोटिफिकेशन जारी किया इंफोसिस के संस्था नंदन नीलेकणी को इसका चेयरमैन बनाया गया सितंबर 2010 में सरकार ने प्रायोगिक तौर पर महाराष्ट्र के कुछ ग्रामीण इलाकों के आधार योजना को लॉन्च किया।

दिसंबर में सरकार ने नेशनल आईडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया विल 2010 संसद में पेश किया गया इसके बाद विधायक पर रिपोर्ट तैयार करने के लिए इसे वित्तीय मामलों की स्टैंडिंग कमेटी के पास भेजा गया।

सितंबर 2011 तक 10 करोड लोगों ने आधार कार्ड बनवाया दिसंबर 2011 में स्टैंडिंग कमेटी ने अपनी रिपोर्ट संसद में पेश की इस रिपोर्ट में कमेटी ने अपनी रिपोर्ट संसद में यूआईडीएआई बिल पर सवाल उठाया कमेटी ने सवाल किया था कि इस परियोजना के तहत लोगों को निजता और संवेदनशील जानकारी संवेदनशील जानकारी का कैसे ख्याल रखा जाएगा।

7 फरवरी 2012 को यूआईडीएआई ने आधार का ऑनलाइन वेरीफिकेशन शुरू किया इसके बाद 26 नवंबर को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आधार से लिंक खाते के लिए डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर स्कीम की शुरुआत की 30 नवंबर 2012 को कर्नाटक हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज केएस पुट्टा स्वामी ने कोर्ट में जनहित याचिका दायर की कुछ अन्य लोग भी आधार के लिए कोर्ट पहुंचे।

1 जनवरी 2013 को आधार प्रोजेक्ट देश के 51 जिलों में लागू कर दिया गया 23 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कुछ विभागों ने आधार को अनिवार्य करने वाले सर्कुलर जारी किए हैं 9 अक्टूबर को नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया  ( एनपीसीआई ) ने आधार बेस्ड पेमेंट सिस्टम की शुरुआत की की।


आधार कार्ड की क्या आवश्यकता और उपयोग होते हैं?

आधार कार्ड और और सभी चीजों के लिए जरूरी होता जा रहा है पहचान के लिए हर जगह आधार कार्ड मांगा जाता है आधार कार्ड के महत्व को बढ़ाते हुए सरकार के महत्व को बढ़ाते हुए सरकार ने बड़े फैसले लिए है जिसने अगर आपके पास आधार कार्ड नहीं है तो वह काम होना आपके लिए मुश्किल होगा इस कार्ड को को कोई और इस्तेमाल नहीं कर सकता है जबकि राशन कार्ड समेत कई और दूसरे प्रमाण पत्र पत्र के साथ कई तरह की गड़बड़ियां हुई हैं और होती रहती हैं।
◆ पासपोर्ट जारी करने के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य कर दिया गया है।
◆ जनधन खाता खोलने के लिए ।
◆ एलपीजी की सबसीडी पाने के लिए।
◆ ट्रेन टिकट में छूट पाने के लिए
◆ बच्चों को नर्सरी कक्षा में प्रवेश दिलाने के लिए
◆ बिना आधार के नहीं मिलेगा  प्रविडेट फंड
◆ छात्रों को दी जाने वाली छात्रवृत्ति छात्रवृत्ति भी आधार कार्ड के जरिए उनके बैंक में जमा करवाई जाएगी।
◆ आयकर रिटर्न
◆ सिम कार्ड खरीदने खरीदने के लिए

हेलो फ्रेंड तो मैं उम्मीद करता हूं उम्मीद करता हूं कि यूआईडीएआई क्या है यूआईडीएआई का फुल फॉर्म क्या होता है यह आप समझ गए होंगे और सबसे पहला आधार कार्ड किसका बना था और आधार कार्ड को कौन जारी करता है मैंने आपको यह सारी जानकारी के बारे में इस पोस्ट में बता दिया है।

निस्कर्ष :-
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