VPS Full Form In hindi, VPS क्या है सभी जानकारी हिन्दी में?

हेलो फ्रेंड आप सभी का स्वागत है आपके अपने ब्लॉग hytechsin.com में फ्रेंड में आज बताने जा रहा हूं बीपीएस क्या है इस का फुल फॉर्म क्या होता है इत्यादि इससे जुड़ी सभी जानकारी आपको आज की पोस्ट में  बताऊंगा।

डीपीएस क्या है डीपीएस का फुल फॉर्म क्या होता है इत्यादि इससे जुड़ी सभी जानकारी आपको हिंदी में आज के पोस्ट में मिल जायेगे इससे जुड़ी जानकारी प्राप्त करने के लिए मेरे पोस्ट के लास्ट तक मेरे साथ जुड़े रहे।

PVS full form क्या है?

पीडीएस का फुल फॉर्म होता है वर्चुअल प्राइवेट सर्वर होता है

VPS क्या है?( What is VPS hosting in hindi ) 
जीपीएस एक ऐसी ऑनलाइन सेवा है जिसमें आपको लगभग सारा कंट्रोल मिल जाता है बिलकुल वैसे ही जैसे आपको अपने कंप्यूटर में मिल जाता है और कई सारे वीपीएस सर्वर में तो आप ऑपरेटिंग सिस्टम भी इस्तेमाल कर सकते हैं यह आपको एकदम नॉर्मल फिजिकल सर्वर जैसा ही फिल देगा।

आपको ऐसा लगेगा कि आपके पास भी एक आपका खुद का सर्वर है और आप उसमें कुछ भी कर सकते हैं लेकिन असल में वह एक पूरा सर्वर नहीं होता है वह बस एक बड़े सरवर के अंदर वर्चुअल इजेशन टेक्नोलॉजी से बनाया हुआ एक वर्चुअल सर्वर है जो उस बड़े सरवर का हिस्सा है लेकिन इसकी सबसे खास बात यह है कि यह आपके बिल्कुल नॉर्मल फिजिकल सरवर जैसा ही होता है।

डीपीए होस्टिंग को हाइब्रिड होस्टिंग भी कहते हैं क्योंकि यह एक फिजिकल सर्वर पर शेयर किया हुआ एनवायरमेंट होने के साथ साथ डेडीकेटेड सर्वर के जैसे काम करता है इसीलिए यह शेयर होस्टिंग और डेडीकेट अकॉस्टिंग के बीच एक ब्रिज का काम करता हैVPS को vertual dedicated server  ( VPS ) भी कहते हैं।

अब इसको एक उदाहरण के साथ समझेंगे जैसे एक बड़ी बिल्डिंग में कई सारे रूम होते हैं और उसमें आप अपने रूम के मालिक खुद होते हैं आप अपने रूम में कुछ भी कर सकते हैं और कोई आपके रूम में नहीं आ सकता है वर्चुअल प्राइवेट सर्वर भी ठीक इसी प्रकार का होता है।

किसके लिए है वीपीएस

जीपीएस को हम शेयर होस्टिंग का रिप्लेसमेंट नहीं मान सत्य है क्योंकि बीपीएस एक शक्तिशाली और महंगा सेवा है जिसका इस्तेमाल हम छोटी व्यवस्था ईट को होस्ट करने या एक सिंपल ब्लॉग बनाने के लिए इस्तेमाल नहीं कर सकते क्योंकि अगर हम ऐसा करते हैं तो यह हमें अपने बेवसाइट के हिसाब से काफी महंगा पड़ेगा।

और हम इसकी पूरी शक्ति को इस्तेमाल भी नहीं कर पाएंगे इसीलिए जीपीएस को इस्तेमाल करने के कुछ मानदंड है जैसे कि -

★ एक से ज्यादा ट्रैफिक वाली बेवसाइड होने पर
अगर आपके पास एक से ज्यादा अच्छे वाले बेवसाइट है और शेयर्ड होस्टिंग पर हिस्टेड हैतो आपको वर्चुअल होस्टिंग एक बार जरूर उपयोग करना चाहिए क्योंकि शेयर्ड होस्टिंग पर ज्यादा ट्रैफिक पर बेवसाइट की स्पीड धिरे धिरे स्लो होने लगती है।
यह तक कि अगर आपके एक ही बेवसाइट पर बहुत अच्छा ट्रैफिक है तो आपको VPS के बारे में जानकारी लेकर इसे एक बार जरूर उपयोग करना चाहिए।

★ एक शक्तिशाली बेव एप्लिकेशन बनाने के लिए

अगर आप एक  डेवलप है और एक शक्तिशाली वेब एप्लीकेशन जैसे फोटो एडिटर आदि बनाना चाहते हैं तो ज्यादा संसाधनों का इस्तेमाल करते हैं इसके लिए आप शेयर होस्टिंग का इस्तेमाल करेंगे तो आपको काफी दिक्कतें  देखने को मिल सकती हैं और अगर आप ऐसी वेब एप्लीकेशन बनाना चाहते हैं तो आपको वीपीएस का ही उपयोग करना चाहिए।

वेब होस्टिंग क्या है?

वेब होस्टिंग का सिंपल सा मतलब होता है इंटरनेट पर एक जगह लेना है जिस पर हम अपनी वेबसाइट को रख सकते हैं और अपनी वेबसाइट को दुनिया भर में इंटरनेट के जरिए कहीं से भी एक्सेस कर सकते हैं जगह को हम वेब सर्वर कहकर रेफेर करते हैं।

वेब सर्वर एक कंप्यूटर ही होता है जो हमारे कंप्यूटर से थोड़ा ज्यादा शक्तिशाली और 24*7 इंटरनेट से जुड़ा होता है यह सर्वर कई तरह के होते हैं और हम अभी इनमें से ही एक प्रकार के बारे में बात कर रहे हैं।


VPS के फायदे क्या क्या है?

★ सर्वर पर बेहतर कंट्रोल

जीपीएस की सबसे बड़ी बात यह होती है कि इसमें आपको शेयर होस्टिंग से ज्यादा कंट्रोल मिलता है क्योंकि इसमें लगभग आप हर चीज अपने हिसाब से कर सकते हैं।

यह पूरा का पूरा एक सरवर ही होता है जिसमें सब आपकी को कंट्रोल करना होता है वैसे ही जैसे आप अपने कंप्यूटर को कंट्रोल करते हैं अगर आप इसमें वेबसाइट होस्ट करना चाहते हैं तो सारे सैटअप आप ही को करने पड़ेंगे इसीलिए आपको इसके बारे में ठीक से जानकारी होनी चाहिए।

★ मनचाहा ऑपरेटिंग सिस्टम

वीपीएस की एक और काफी अच्छी खास बात यह है कि इसमें आप ऑपरेटिंग सिस्टम अपनी मर्जी से चुन सकते हैं इसे आपको बहुत बड़ी वैरायटी मिलती है।

इसमें आपको कई तरह के ऑपरेटिंग सिस्टम मिलते हैं जैसे विंडोस लिंनक्स उबंटू बेडियन और मींट आदि ज्यादातर लोग लिनक्स का ही चयन करते हैं क्योंकि इसकी सिक्योरिटी सबसे बढ़िया होती है।

★ ज्यादा महंगा नहीं

अगर आप भी पी एस की जगह अपना खुद का सरवर प्रेफर करना चाहते हैं तो आपको यह जान लेना चाहिए कि यह एक पूरे सरवर के मुकाबले यह काफी सस्ता होता है इसमें आपको मेंटेनेंस के खर्च की चिंता करने की भी कोई जरूरत नहीं है।

अगर आप अपना खुद का सर्वर बनाने के बारे में सोच रहे हैं तो इसे बनाने और मेंटेनेंस करने में आपको बहुत ज्यादा खर्च होने वाला है जबकि वीपीएस में ऐसा कुछ नहीं है और ऊपर से आप इसे जब चाहे तब छोड़ सकते हैं।

★ ज्यादा शक्तिशाली

हमने इसके बारे में बहुत सारी बातें की है तो इस बारे में कोई शक नहीं कि यह एक नॉर्मल शेयर्ड सर्वर से काफी फास्ट होता है जैसे कि आपको पहले ही बताया गया है कि अगर आपको ज्यादा संसाधनों का इस्तेमाल करने वाली वेब एप्लीकेशन बना रहे हैं तो आपको वीपीएस का ही इस्तेमाल करना चाहिए।

वीपीएस सेवा का इस्तेमाल करते समय आपके पास इसका भी ऑप्शन आएगा कि आपको इसमें रैम और प्रोसेस कैसे चाहिए यहां पर आपसे इस तरह का हार्डवेयर चुनते हैं बाद में आपको उसके अनुसार ही स्पीड मिलती है।

VPS का नुकसान क्या है?

★ ज्यादा जानकारी की आवश्यकता

अगर हम भी पी एस सी बात करें तो इसमें भी हमें कई खामियां और कमियां देखने को मिलेगी जैसे अगर इसे सबसे पहले कमी की बात करें तो वह यह है कि इसमें आपको सब कुछ मैनेज करना पड़ता है और अगर आपको इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है तो आप इसे ठीक से मैंने जो भी नहीं कर पाएंगे और ठीक से मैनेज ना होने के कारण कई सारे सर्वर बंद हो सकते हैं।

★ छोटे बेवसाइड के लिए नही

वीपीएस तो वैसे काफी ज्यादा उपयोगी है मगर छोटे ब्लॉग और वेबसाइट के हिसाब से ये शेयर्ड फास्टिंग के मुकाबले काफी महंगा होता है इसलिए इन्हें वो लोग ज्यादा इस्तेमाल नहीं कर पाते हैं।

निष्कर्ष :-
हेलो फ्रेंड मैं उम्मीद करता हूं कि वीपीएस क्या है यह तो आप समझ ही गए होंगे अगर वीपीएस से संबंधित कोई भी सवालिया सुझाव है तो आप नीचे कमेंट में बता सकते हैं मैं पूरी तरह से कोशिश करूंगा कि आपके हर सवालों का जवाब दे सकूं।

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